गरज इतिहासाची विषयी




नव्या युगात प्रवेश करताना इतिहासाचे अवलोकन करणे जरुरी आहे. शिवाजी महाराजांनी परकीय शत्रुपासुन स्वराज्याचे रक्षण व्हावे म्हणून नाविक दल उभारले. सागरी किनार्‍याच्या रक्षणाची जबाबदारी मयनाथ भंडारी आणि वंताजी भाटकर या दोन भावावर सोपवली.पुढे संभाजी महाराजनी महाड,राजापूर,जाईतपुर,कल्याण येथे जहाज बांधणी चे कारखाने उभारले. सैनिकाना आधुनिक तंत्र समजण्यासाठी तेथे अरबस्थानचा सेनापती जनगेखान याला बोलून पानकोट येथे प्रक्षिषण दिले. इंग्रज आणि जंजिराच्या सिदधी या पासून राज्याचे रक्षण व्हावे म्हणून कुलाब्याला सागरीदुर्ग बांधला,सिमेंट किंवा चुना यांचा वापर ना करता बांधलेला हा किल्ला स्थापत्यकलेचा उत्त्म नमूना आहे.

अशा प्रकारे अनेक गोष्टींची गरज आजच्या युगला आहे, शिवाजी महाराज्याच्या आरमाराची संकल्पना आज वापरात आणली असती तर 26/11 चा हल्ला होणे अशक्य होते . म्ह्णुन शिवाजी महाराज्याच्या स्वराज्याची व सुराज्याची संकल्पना प्रत्यक्षात उतरविण्यासाठी आजच्या युगाला
गरज आहे इतिहासची

English-Marathi Dictionary

शेर शिवा का छावा था।।

Posted by प्रशांत भोसले लेबले: , ,

एक ही शंभू राजा था
देश धरम पर मिटने वाला।
शेर शिवा का छावा था।।
महापराक्रमी परम प्रतापी।
एक ही शंभू राजा था।।
तेज:पुंज तेजस्वी आँखें।
निकल गयीं पर झुका नहीं।।
दृष्टि गयी पण राष्ट्रोन्नति का।
दिव्य स्वप्न तो मिटा नहीं।।
दोनो पैर कटे शंभू के।
ध्येय मार्ग से हटा नहीं।।
हाथ कटे तो क्या हुआ?।
सत्कर्म कभी छुटा नहीं।।
जिव्हा कटी, खून बहाया।
धरम का सौदा किया नहीं।।
शिवाजी का बेटा था वह।
गलत राह पर चला नहीं।।
वर्ष तीन सौ बीत गये अब।
शंभू के बलिदान को।।
कौन जीता, कौन हारा।
पूछ लो संसार को।।
कोटि कोटि कंठो में तेरा।
आज जयजयकार है।।
अमर शंभू तू अमर हो गया।
तेरी जयजयकार है।।
मातृभूमि के चरण कमलपर।
जीवन पुष्प चढाया था।।
                                                                                                                            है दुजा दुनिया में कोई।
                                                                                                                            जैसा शंभू राजा था?।।

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